शराबी से तलाक लेना किसी समस्या का समाधान नहीं

तलाक किसी समस्या का समाधान नहीं….☆☆

हर कोई शादी का बंधन यही सोचकर बनाता है ,कि हम पूरी जिंदगी एक दूसरे के साथ रहेंगे,पर हर घर की कहानी है ऐसा किसी के साथ नहीं होता जहां किसी बात को लेकर झगड़े नहीं होते हो.

जिंदगी हमेशा एक जैसी नहीं होती किसी ना किसी टाइम घर में झगड़ा हो ही जाता है ,क्योंकि जहां दो अलग-अलग परिवारों के अलग अलग विचारों वाले लोग रहते हैं तो उनका आपस में किसी बात पर मतभेद होना संभव है.

उन दोनों के साथ विचार ना मिलने और रीति-रिवाज का फर्क होना।सबसे ज्यादा परेशानी तब हो जाती है जब एक औरत की ऐसे परिवार में शादी हो गई हो जहां उसने पहले कभी शराब नहीं देखी हो और शादी होने के बाद पता चले कि उसका पति बहुत ज्यादा शराब पीता है.

 और शराब पीने के साथ वह बहुत ही झगड़ालू टाइप का भी है, तो इस समय समस्या बहुत ज्यादा गंभीर हो जाती है ,और शराबीपन एक ऐसी परेशानियों में से एक घोर विपत्ति है जो सहन करना उसके लिये बहुत ही मुश्किल है. अब बात यह आती है कि जब हम समाज को दिखाने के लिए और समस्याओं को झेल सकते हैं, तो फिर शराबी को क्यों नहीं, अब हमें जब यह पता चल चुका है,कि शराब पीने की आदत उसकी नॉर्मल नहीं है यह एक मानसिक रोगी इंसान है.क्या हम बीमार व्यक्ति को कभी तलाक लेते हैं, नहीं तो फिर शराबी से तलाक क्यों ?
जब हम और बीमारियों के कारण किसी की सेवा करते हैं ,फिर शराबी की क्यों नहीं.हम इस बात को समझने की कोशिश करें कि शराबी बीमार इंसान है,वह नॉर्मल नहीं है.शायद आप को मेरी यह बात पढकर अजीब लगे कि शराब पिने वाला व्यक्ति बिमारी का शिकार है पर यही सच्चाई है ,और तलाक किसी समस्या का समाधान नहीं है, और बहुत गहराई से सोचिए। तलाक का परिणाम क्या होगा,हमें यह हक किसी ने नहीं दिया कि हम अपने बच्चों को उनके बाप से अलग कर दें. बच्चों को मां और बाप दोनों की जरूरत होती है ।इसलिए हमें इस समस्या का भागना नहीं है ,बल्कि घर में रहकर इस समस्या का हल ढूंढना है, अगर आप तलाक लेकर इस समस्या से दूर होना चाहती हैं, तो आपकी वजह से आपके बच्चों पर बुरा असर पड़ेगा.
सबसे पहले ठंडे दिमाग से बैठकर इसके बुरे परिणाम सोचिए, फिर तलाक के रास्ते पर चलने की सोचना हो सकता है,आपको लगता हो तलाक लेकर शराबी से जान छूट जाएगी ,और दूसरी शादी कर लूंगी और जो इन्सान शराब बिल्कुल नहीं पीता होगा ऐसे आदमी से शादी करूँगी ,पर यह जरूरी नहीं है कि दूसरा व्यक्ति अगर शराब नहीं पीता उसमें कोई और कमी या अवगुण ना हो.कई ऐसे परिवार देखे हैं जिनमें ना तो कोई अंडा मांस खाता है ना ही कोई शराब पीता है और फिर भी किसी ना किसी बात पर आए दिन लेकर उनके घरों में कलेश रहते हैं.
ऐसा नहीं है कि जहां शराब नहीं है वहां झगड़े नहीं है .आपकी किस्मत में दुख है तो है किसी न किसी रूप में मिल ही जाएगा. हम शराबी से भाग सकते हैं पर अपनी किस्मत के झगड़ों से नहीं.इसे अच्छा हो कि हो आप शराबी की बीमारी को समझने की कोशिश करे और अपनी कमियों को दूर करें अपने आप मे और परिवार में सुधार लाने की कोशिश करें.सबसे बड़ा सुधार अपने आप को सुधारना ही सबसे बड़ा धर्म है.
 हो सकता है आपके लिए शराबी को सहन करना बहुत मुश्किल हो ,पर एक बार इस कदम को उठाने से पहले शांति से सोचिए क्या मेरा यह कदम मेरे बच्चों के भविष्य के लिए सही होगा.
क्या शराबी मेरे तलाक लेने के बाद शराब पीनी छोड़ देगा,नहीं वह और ज्यादा पीने लगेगा क्योंकि वह तो बीमार इंसान हैं,और हो सकता है इतनी पीने लग जाए कि थोड़े दिनों बाद मर ही जाए,आपको यह जानकर और भी बहुत ज्यादा दुख होगा आप यह सोचने पर मजबूर हो जाएंगी कि अगर मैं तलाक ना लेती तो शायद वह ना मरता,क्योंकि दिल के किसी कोने में हमारे अंदर शराबी के प्रति प्यार भी होता है. एक बार अच्छे से सुनिश्चित कर लें कि जल्दबाजी में उठाए गए कदम मुझे कहीं और घोर निराशा और बदतर जिंदगी जीने के लिए मजबूर ना कर दें, और अगर एक बार तलाक वाला कदम उठा लिया तो वापस लौटना बहुत ही मुश्किल है .अब हमें शराबी के साथ बहस और बोलना बंद करके नया जीवन जीने की शुरुआत करने की सोचना होगा. अब आपको यह बात समझ में आ गई होगी कि शराबी व्यक्ति नोरमल  व्यक्ति नहीं होते वह एक बीमारी का शिकार है .अगर शराबी के साथ बहस और उलझना बंद कर दे . कयोंकि शराबी होश में नहीं होता पर आप अपने होश में है  
बहुत सारे परिवार इस समस्या से ग्रस्त हैं मेरे इस ब्लॉग पर और भी बहुत सारे टॉपिक हैं, इस समस्या को लेकर कि शराबी के साथ क्या करे और क्या ना करे। 
शराबी के साथ कैसे जिया जाए और शराबी के साथ कैसे बर्ताव करें और आपको इस पर पढ़कर यह बात समझ में आ जाएगी कि शराबी व्यक्ति मानसिक रोगी होते है.वह जो कुछ भी करता है नशे के वशीभूत होकर करता है. वह बीमारी का शिकार है और बीमार व्यक्ति के प्रति कभी नफरत नहीं सिर्फ हम प्यार करते हैं.फिर देखिए आप शराबी को बदलता हुआ देखेंगे अगर इस समस्या से ज्यादा परेशान है .

This topic created by अल्कोहल एनोनिमस संस्था ग्रुप में जुड़े जो गूगल पर सर्च करने से मिल जाएगी जहां सिर्फ इसी बात पर मीटिंग होती है कि शराबी के साथ कैसे जिया जाए उसमें बहुत सारे contact number भी मिल जायेगे जो आपके साथ फोन पर बात करके भी आपको इस समस्या से कैसे निपटा जाए बात करते हैं और जीने की राह दिखाते हैं.आप का दिन शुभ हो

जिऔ और दुसरो को भी जीने दो

शराब छुड़वाने के लिए आयुर्वेदिक उपाय

आप सभी जानते हैं शराब हमारे सेहत के लिए बहुत हानिकारक है ।जो इंसान को अंदर से खोखला कर देती है, और पूरे परिवार को बर्बाद कर देती है। शराब की लत इतनी बुरी है कि इंसान सब कुछ भूल कर हिंसा करने लगता है, परिवार के साथ। यह शराब पीने की लत दिन प्रतिदिन  बढ़ती जा रही है ।शराब पीने से आंखों में कमजोरी और पूरा शरीर कमजोर हो जाता है, और कुछ ही दिनों बाद ज्यादा शराब पीने वाले व्यक्ति मौत के मुंह में चले जाते हैं।
शराब पीने से प्रजनन क्षमता कम होने लगती है, फेफड़े ,किडनी ,गुर्दे भी खराब हो जाते हैं। जयादा शराब पीने के बाद सिथ्ती इतनी खतरनाक साबित हो सकते हैं कि बच्चे पत्नी और पूरे परिवार पर असर डालती है। घर में बच्चों पर बुरा प्रभाव डालती हैं  

शराब के छुड़वाने के लिए आयुर्वेद उपाय 25 से 30 दिन लगातार अंगूर खाने से शराब पीने की इच्छा मर जाती है, कयोंकि शराब जौ और अंगूर से ही बनती है। अगर अंगूर का सेवन करेंगे तो शराब पीने का मन नहीं करेगा ।


गाजर का जुस 
एक गिलास गाजर का जूस पीने से शराब पीने की इच्छा कम होती है,  और अनानास ,संतरा और सेब का जूस पीने से भी शराब पीने की लत में मुक्ति मिलती है । 

अगर आप शराब की आदत से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आप गुनगुने पानी में एक चुटकी नमक मिलाकर हर रोज पानी पीने पर उल्टी करें इससे आपके पेट के ऊपरी हिस्से की सफाई हो जाएगी ऐसा करने से आपको शराब पीने की आदत धीरे-धीरे छुट् जाएगी।


अदरक और किशमिश 
अदरक का टुकड़ा अगर आपके शराब पीने की इच्छा करें तो आप दो दो चार टुकड़े अदरक और किशमिश के मुंह में रखकर चबाये इसे शराब पीने की इच्छा कम होती है।

देशी अजवायन 
देसी अजवाइन को आप 7 लीटर पानी में 2 दिन के लिए भिगो दें और फिर उसे धीमी आंच पर इतना पकाए  कि पानी पक कर दो लिटर ही रह जाए फिर पानी को ठंडा करके छान ले और एक साफ बोतल में भरकर रख लें। अब जब भी आपको शराब पीने की इच्छा करें तो 5 चम्मच इसके पी ले  ऐसा करने से शराब की लत बहुत जल्दी छूट जाती है।

शराब पीने से किडनी खराब हो जाती है करेला ऐसा प्रभावशाली उपाय है जिसका जूस नियमित सुबह-शाम पीने से शराब की आदत छूट जाएगी और खराब किडनी को भी ठीक करने के लिए उपयोगी है। 
करेला बहुत कड़वा होता है करेला  का जूस पिया नहीं जाता तो आप उसमें कुछ जूस या लस्सी मिलाकर पी सकते हो।
जंगली तुलसी (बद्रीनाथ तुलसी)

शराब छुड़वाने के लिए जंगली तुलसी का काढा भी बहुत लाभकारी है जिसको हम शराबी को बिना बताये चाय मे पकाकर दे सकते हैं इस तुलसी को बद्री नाथ तुलसी भी बोलते हैं। 

शराबी पति के साथ आवाज का हथियार ना यूज करे

हम सब शराबीयो की पत्नियों पर कर्कश आवाज का वो हथियार है,  जो शराबी को और पिने के लिए   उकसाता है गुस्सा ,रोना,आँसू,बच्चो पर चिल्लाने अपने आप को सही ठहराना और बहुत कूछ,ये सारी शराबी के लिये जानलेवा  हथियार हम सब के पास है. जो शराबी की जीने की चाहत खत्म  कर देते है.यह बर्ताव हमारा और शराबी का मान सम्मान समाज मे खत्म कर देता है।
ये हथियार शराबी के पास तो पहले से ही मौजूद है ,और हम अपनी जुबान से और कडवे शब्दो का यूज करके उस हथियार को और तेजतर्रार बना देते है।
अब हम सब अपने जीवन और दिमाग मे से ये सारे औजार जिनका हम अब तक शराबी के लिए   इस्तेमाल करते आये है,उनको अब हम अपने जीवन से निकाल देंगे.
अब हम शराबी के साथ नये औजारो का यूज करेंगे – जैसे – दयाभाव,प्यार, धैर्य , खुशी और उसे अच्छे बर्ताव और उसकी तारीफ ये सब जीवन मे शराबी में चेंज लाने के लिए बहुत जरूरी है,ये सब करके देखिए एक दिन बदलाव जरूर आयेगा…!
आपकी अपनी अच्छी सोच से negative ko positive मे बदला जा सकता है.
अब हम शराबी के बारे मे अपने मन मे कभी बुरे विचार नही लायेंगे कयोंकि वह बीमार है उसे हमारे पयार की जरूरत है ना की नफरत और प्रताडना की, ज्यादातर पिने वाले लोग दिल के बुरे नही होते, वो सिर्फ जुबान के कडवे होते है.
शराबी हमैशा अपनी फैमिली को  लेकर और लोगों से ज्यादा  inscoure होता है, क्योंकि वो हमे प्यार करते है ,पर अपनी बिमारी (पिने की  आदत )की वजह से टाईम नही दे पाते शराबी को हमारे प्यार और हमारी जरूरत है ,कभी भी भुलकर भी शराबी इन्सान के लडाई झगड़ा ना करे। शराबी इन्सान पयार से बहुत जरूरी बात मानता है. हमारे तानों और ऊँची आवाज में बोलने शराबी जयादा शराब की तरफ ही भागता है.
है ईश्वर मुझे और शराबी को वो
औजार प्रदान कर जो मेरी मुशिकलो को पार करने में उपयोगी हो, जिनसे शराबी को कोई  नुकसान ना हो और हमे शहन करने की दे

शराबी पति के साथ कैसे जिये

बहुत सारी औरतें यही सोचती हैं क्या मेरे लिए शराबी के साथ जीना आसान है, यें सवाल बहुत सारी औरतों के दिमाग में आता है. जो इस समस्या से ग्रस्त है कई औरतें शराबी से तगं होकर मरने तक की सोच लेती हैं पर ऐसा सोचना भी अपराध है,क्योंकि मरना किसी समस्या का हल नहीं और आपके पास इस बात की कोई गारंटी नहीं कि आपके मरने के बाद शराबी सुधर जाएगा और आप मरकर मोक्ष मिल जायेगा.
उसको आप के मरने के बाद भी कोई फर्क नहीं पड़ता वह फिर भी पिऐगा ,ऐसा भी हो सकता है कि वो आपकी क्रिया का भी इंतजार ना करें
इसलिए शराबी के लिए कभी भी अपनी जान देने की ना सोचे शराबी का कुछ नहीं बिगड़ेगा आपके बच्चों का भविष्य खराब हो जाएगा क्योंकि उनको कोई मां नहीं मिलेगी हो सकता है ,शराबी को तो शायद कोई और औरत मिल भी जाए ,पर आपके बच्चों को कभी कोई मां नहीं मिलेगी।
अगर आप दूसरी शादी करने की भी सोचते हैं तो जरूरी नहीं दूसरा पति भी अच्छा इंसान हो सकता हो, यह
हो सकता है, वह शराबी नहीं हो पर यह जरूरी नहीं कि एक अच्छा पति बन जाएगा इस बात की भी कोई गारंटी नहीं है.
शराबी पन की समस्या से निपटने के लिए हमें जीने का अधिकार है 
अगर शराबी को पीने का अधिकार है तो फिर हम उसके लिए मरना क्यू.?
किसी भी समस्या का मरना हल नहीं भगवान ने जिंदगी जीने के लिए दी है ना कि शराबी के लिए जान देकर मरने के लिए.कुछ औरतें इस समस्या से तंग होकर अपने आप को और अपने बच्चों तक का खत्म कर लेती हैं। पर ये बात किसी समस्या का समाधान नहीं.सुसाईड करना कायरो का का है जिंदादीली का नही। 
सुसाईड करना एक ऐसा अपराध है शायद इसे भगवान भी माफ ना करें अपको ,आप अपने और बच्चों की जिंदगी को खत्म करने की सोचना, ऐसा भूल कर भी ना करे. संघर्ष का नाम जिंदगी मोत का नही.
लोग  तो इससे भी बुरी परिस्थितियों के साथ जीते हैं जिनकी बेटियों के साथ कुछ दरिंदे बलात्कार कर देते है, और फिर उन्हें मौत के घाट उतार देते,वो माँ बाप भी जिन्दा रहते है।  
फिर शराबी तो फिर बेसुध इन्सान है
उसके बेहोश इन्सान के लिए क्यू मरना, उसको पिने के बाद कुछ पता ही नहीं है,जो होश में ही नहीं होता है उसके लिए क्यू मरना….?
उसको लेकर फिर इतनी परेशानी  क्यों मरने की सोचे आप सोच रहे होंगे यह कहना बहुत आसान है कि शराबी को झेलना और भी मुश्किल होता है ,पर मैं आप सबको बता दूं मैंने इस समस्या को बहुत ही करीबी से देख रखा है।
मैं बहुत अच्छे से समझ सकती हूं कि शराबीपन क्या होता है।क्योंकि मैंने शराबी को बहुत नजदीक से देखा हुआ है … ।
तभी मैं इस टॉपिक पर बार-बार लिखती हूं।

जियो और जीने दो यह मेरे नारा भी है और फोलो भी करती हूँ और आप भी फोलो करो ।
मैं आप सबको यही कहूंगी कि अपने लिए जियो भगवान ने जिंदगी हमें जीने के लिए दी है ना कि लोगों को के लिए ,लोगों का क्या है ,अगर आप मर भी गए तब भी उनको कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

शराबी के साथ जीना ऐसा है जैसे फूलों का कांटो के बीच खिलना
जिस प्रकार फूल कांटो से दूर रहकर खिलाना नहीं छोड़ते 
उसी प्रकार हम शराबी से डर कर जीना नहीं छोड़ सकते

कभी कभी आपने देखा होगा जंगल में शेर के डर से की वजह से और जानवर रहना नही छोड़ते क्योंकि
उनको पता भी है शेर कभी ना कभी उनको खा सकता है,लेकिन फिर भी वो कभी जंगल नहीं छोड़ते क्योंकि जानवरों को भी पता है वो लोगों के बीच में नहीं रह सकते
उनको रहना तो जंगल में ही है,हमारे लिए भी ऐसा ही है.
अगर हम एक शराबी को छोड़ भी दें तो हो सकता है, हमारे जीवन में कोई और बुरी परिस्थिति आ जाए शायद हम उसको ना भी सहन कर पाए ,अगर किस्मत में दुख लिखा है वह किसी न किसी परिस्थिति में जरूर आ जाएगा तो इससे अच्छा है, शराबी को ही झेला जाए.
उसी को ही सहन करना सीख ले उसी के ही साथ जीना सीख ले । 
हमें तो भगवान ने सोचने समझने की बुद्धि दी है. हमसे तो अच्छे जानवर हैं जो शेर के डर से कभी जंगल नही छोड़ते।
फिर शराबी के लिए मरना क्यू …? 

This topic created by अलनोन एनानिमस book शराबी के साथ एक दिन एक बार जीयो शराबी पन से मुक्ति पाने के लिए al-anon नाम का एक ग्रुप है
जो लोग इस समस्या से बहुत तंग है वह इसको इंटरनेट पर सर्च कर सकते हैं एक तरह से ग्रुप की तरह काम करता है।
और हमें इस समस्या से जूझने के लिए सिखाता है जो किसी भी तरह का हमसे कोई खर्चा नहीं लेता।
उनकी मीटिंग हर तरह से फ्री होती है, आप इसे इंटरनेट पर सर्च कर सकते हो उनके इंटरनेट पर बहुत सारे लोगों के फोन नंबर मिल जाएंगे आप वहां से अच्छे से जानकारी ले सकते हो इसके बारे में वहाँ पर यही बात सिखाई जाती है कि अपने लिए कैसे जिया जाए
मुझे उम्मीद है मेरे इस टॉपिक को पढ़ने के बाद आप आपको जीन की इच्छा होगी 
और शराबी को झेलने की शक्ति मिलेगी और आपको शराबी के प्रति नफरत नहीं बल्कि प्यार आने लगेगा क्योंकि वह मजबूर और बीमार इंसान है, और आप अपने लिए और अपने बच्चों के लिए जीने का हर हाल में प्रयास करेंगे ना कि शराबी के लिए।

भगवान आपको जीने की शक्ति दे और शराबी को झेलने की सहनशक्ति दे जो लोग शराबी पन से तंग है,
हे भगवान् उन परिवारों को शक्ति दो और शराबियों को सद्बुद्धि दो

हमेशा अपने लिए जियो और दूसरों को जीने दो बस इसी नारे को follow करते चलो जिंदगी भगवान ने एक बार दी है बार बार नहीं आप सब का दिन मंगलमय हो  और आप सबको भगवान सद्बुद्धि दे और आप सब के परिवार के लिए मेरी ओर से कामना है, हे भगवान सब परिवारों को सुख दो समृद्धि दो और सद्बुद्धि दो जिन घरों में यह शराबीपन की समस्या है. उन घरों को इस समस्या से मुक्त करो हमारी समस्या अब भगवान के भरोसे छोड़नी होगी जब हम समस्याओं को छोड़ देते हैं तो वह सिर्फ भगवान के हाथ में होती है 
फिर वह जल्दी खत्म होती है ।

शराबी पिता और बच्चो पर positive or negative effects motivational story in hindi

दो भाइयों की एक प्रेरणादायक कहानी….

Motivationl story शराब और बच्चे

गुरदेव के पास दो बेटे थे।
उनमें से एक बहुत ज्यादा शराब का आदी था ,और अपने परिवार के लोगों को अक्सर मारपीट किया करता था, और जबकि दूसरा भाई बहुत बड़ा बिजनेस मैन था। वह समाज में सम्मानित और इज्जत वाला व्यक्ति था।उसका अच्छा खासा परिवार था। 
वो अपने परिवार को बहुत प्यार करता था। लेकिन एक ही बाप द्वारा पाले गए दोनों बच्चो का सब कुछ सोचने का तरीका अलग अलग था।

एक  दिन किसी ने  छोटे भाई शराबी  से पुछा कि आप यह सब क्यों करते हो। आप इतनी शराब के आदी कैसे हो गए हो। आप अपने परिवार के लोगों को क्यों पीटते हो और क्यों तंग करते हो । और आपको यह सब करने की कहां से प्रेरणा मिली शराबी व्यक्ति ने जवाब दिया मैंने बचपन से ही अपने पिता को शराब पीते हुए देखा है ।
जो मुझे और मेरी मां, बहन और भाई को सब को पीटता था । 
इस वजह से मैं शराबी बन गया हूं। मैंने अपने बाप  से यही सब कुछ सीखा है….. ।

और जब दूसरे बड़े बिजनेस मैन भाई से पूछा गया आपको यह सब प्रेरणा कहां से मिली ,और आपने अपने जीवन में इतनी बड़ी सफलता कैसे हासिल की ,जो इतना बड़ा बिजनेस खड़ा कर लिया है । तब दूसरे भाई का जवाब था … 
जब मैं बहुत छोटा था तब मैंने अपने पिताजी को शराब के नशे में धुत और बहुत सारे गलत काम करते हुए देखा था। तब से ही मैंने तय कर लिया था।
मैं कभी भी अपने पिता जैसा नहीं बनूंगा और कभी भी अपने परिवार को तंग नहीं करूंगा।
मेरे पिताजी ही मेरे लिए प्रेरणा है… 
अब इन दोनों भाइयों में बस एक ही बात का फर्क था दोनों का पिता भी एक ही था पर यहाँ अपनी अपनी सोच की बात थी, 
कि आपने किस बात को अपनाया है। 
उसी पिता से एक भाई शराबी बना और उसी पिता की वजह से दूसरा भाई बहुत बड़ा बिजनेस मैन बना।

जिसने कभी शराब को छुआ तक नहीं अब यह हम सबके दिमाग के ऊपर डिपेंड करता है, 
कि हम किस बात को हम किस ढंग से फोलो कर रहे हैं । 
प्रेरणा इंसान को रास्ता अपनाने की इच्छा पैदा करती है ।
लेकिन अंत में रास्ता चुनना हमारे हाथ में होता है, हम सही रास्ता चुनते हैं,या गलत।

मेरी इस कहानी से यही शिक्षा मिलती है ,कि जीवन में बुरी और अच्छी दोनों परिस्थितियां आती हैं। वह आपके ऊपर निर्भर करता है, आप कौन सी परिस्थिति से प्रभावित होते हो । जीवन मे सही और गलत दोनों ही तरह के लोग मिलेंगे।
वोआप को तय करना होगा ।
आप कौन सा रास्ते पर चलते हो. मेरी यही कहानी उन लोगों के लिए है जो किसी अपने किसी बहुत करीबी शराबी से तंग है।
अब आप ने तय करना है कि,शराबी से क्या सीखते हो ।

जिंदगी में एक ही नारा फॉलो करो जियो और जीने दो…..

भगवान आप को शराबी को सहन करने की शक्ति दे और शराबी को सद्दबुदी दे ****।

🙏🙏🙏🙏
मेरी ये कहानी उन परिवारों के लिए है जो  अपने किसी बहुत करीबी शराब पिने वालों से तगं है 
अगर आप को ये कहानी अच्छी लगी हो तो please आप इसको अपने दोस्तों को जरूर शेयर करे ।हो सके ये कहानी पढ़कर किसी की जिंदगी मे बदलाव और सकुन आ सकता है

Thankyou for watching my page please like share and comment 

शराबीपन और बोतल का दोष ●●●

बोतल का दोष

शराबी के साथ रहते हुए हमारी सोच इस तरह की हो जाती है कि हम सब समस्याओ के लिए बोतल  को ही दोषी मानने लग जाते है।

कई बार तो हम इस हद तक सोचते है कि शराबी शराब पिनी बंद करे तब हमे जिंदगी में बहुत सारी खुशिया  मिल सकती है, लेकिन ऐसा कुछ  नही होता।आप में से बहुत सारे परिवार ऐसे भी देखे होगे, जो शराब को टच भी नही करते ,लेकिन फिर भी वो लोग दुखी है,तकलीफ के कुछ भी कारण हो सकते है.अब हमे यह सीखना है कि शराबी ही हमारी मुश्किलो का अकेला दोषी नही है ,कुछ हद तक हम भी अपना गलत रवैया अपनाकर समस्या को पैदा करने और बढाने मे हिस्सेदार है.
अब हमे अपनी जो गलतिया हम आज तक शराबी के साथ मिलकर करते आये है  सबसे पहले उन्हें सुधारना होगा। 
गलती को स्वीकार करना मतलब भगवान् को स्वीकार  करने के  बराबर है.
अब हम अपनी मुसीबतो के लिए या किस्मत खराब के लिए किसी और को बली का बकरा नही बनाएँगे 
क्या हम सब मे से कोई आज तक किसी भी शराबी को धिक्कार कर या उसको नीचा दिखाकर ठीक कर सका है.
क्या हमने कभी शराबी के मन मे कभी झाँक कर उसके कष्टो की सच्चाई जानने की कोशिश की है.
नही हम सब बस शराबी को दोषी  साबित करने मे लगे हुए होते हैं.
यह हर उस घर की कहानी है जहां शराबी शराब पिकर जब अपनी  दिल की भड़ास निकालना चाहता है,पर उसकी  सुनने वाला कोई नही होता …
फिर उसके पास बोतल के सिवा कोई और साथी नही होता. जिसके साथ वो अपने दुख बाँट सके इसलिए हम हर बार अपने दुखों के लिए शराबी की बोतल को दोष ना दे …     
  यह अधिकार किसी को नही की शराबी को जबरदस्ती काबू मे करने की कोशिश करे चाहे माँ बाप हो या बीवी, बच्चे हो आप के ऐसा करने से परिस्थितिया और बिगड़ सकती है लेकिन शराबी ऐसे कभी सुधरते नही. हमारे साथ अच्छा, बुरा जो भी होता है वो हमारे द्वारा किये बुरे कर्मों का फल है तभी हमें शराबी पति, औलाद या शराबी बाप मिला है.

अब इस समस्या को आप भगवान् भरोसे छोड़ दो जैसे वो शराबी को रखता रखने दो. आप अपने लिये जिओ शराबी के लिए नहीं और आप शराबी के भगवान् नही बन सकते उसका भगवान् है जब तक वो उसके साथ है ,तब तक शराबी सही सलामत घर पहुँच सकता है .

आज का विचार …..

सबसे पहले हम बाहर के सच को जान सकें, हमे अन्दर से सच्चा होना चाहिए .और हम स्वयं के प्रति सच्चे हो,लेकिन हम सब सच्चाई जैसी है उसे वैसा ही प्रकट करके अपने  अन्दर सच्चाई  ला पाते है.

उन सब परिवारो को परमात्मा सद्बुद्धि दे जो इस समस्या से  ग्रसित है, और इस समस्या को और शराबी को सहन करने की शक्ति और शराबी को झेलने की शक्ति दो

हे परमात्मा मुझे शराबी को सहन करने की और उसे समझने की सदबुददी दो अब मेरी समस्या आपकी है मेरी नहीं ऐसे हररोज प्रार्थना करके सोये एक दिन जरूर चमत्कार होगा आपकी जिन्दगी में भगवान के घर देर है अन्धेर नहीं अगर कोई समस्या आती तो वापिस भी ले सकता है .वो अन्तर्यामी हैं कुछ भी कर सकता है बस विशवास सच्चा होना चाहिए .


शराबीपन एक बीमारी है

जरूरत से जयादा शराब पिना एक बीमारीहै

Alcoholism a social disease


 जरूरत से ज्यादा शराब पीना एक बीमारी है। एक या दो पैग पीने वाले लोग नॉर्मल लोग माने जाते हैं । उनको हम सोशल drinker  कह सकते हैं.  लेकिन जो लोग जरूर से ज्यादा शराब पीते हैं या शाम होते ही शराब के बिना रह ही नहीं सकते . वह एक बीमारी का शिकार व्यक्ति है .उसे हम सधारण भाषा में शराबी पन कह सकते हैं .इस बात की समस्या बहुत सारे लोगों के साथ हैं . बहुत सारे परिवार इस समस्या से जूझ रहे हैं इसमें उनके बच्चे, परिवार, मां-बाप,पत्नी बहुत लोग इस तकलीफ से गुजरते हैं , और समझ नहीं पाते यह शराबी इस तरह क्यों करता है.क्योंकि शराबी जिद्दी हो जाता है उसको सहन करना मुश्किल हो जाता है, और यह समस्या बहुत सारे परिवारों में देखने को मिल जाएगी. मेरा यह टॉपिक उन्हीं लोगों के लिए हैं जो इस समस्या से जूझ रहे हैं ,
क्योंकि मैं एक ऐसे संस्था से जुड़ी हुई हूं जो इस समस्या के बारे में बहुत अच्छे से बताती है तो इसलिए ही मैं यह बात आपके साथ भी शेयर करना चाहती हूं, किस तरह से जीए शराबी के साथ और किस तरह से उसको ट्रीट करें.कैसे उसके साथ बर्ताव करें और कैसे उसको झेले शराबीपन को. वह एक बीमारी का शिकार है पर हम नहीं.

 यह समस्या हमारे बस से बाहर है इस समस्या को छोड़कर अपने लिए जीना सीखो शराबी के साथ 1 दिन में एक बार ही जिया जा सकता है.

इस topic को लिखने का मकसद यही है कि हमें अपने लिए भी जीना है ना की शराबी के लिए 1 दिन में एक ही बार शराबी के साथ जीवन है हमारे लिए .
 शराबी जो कुछ भी करता है वह जानबूझकर नहीं करता. वह उस बीमारी के कारण करता है, उसको पता ही नहीं होता वह क्या कर रहा है। वह  तो नशे की धुन में धुत होता है .उसके बस से बाहर है, यह बीमारी है बस इस बात को समझने की कोशिश कररूगी कि वह बीमार व्यक्ति है पर आप और हम नहीं.
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सबसे पहले इस बात को समझना होगा कि शराब पीना एक बीमारी है ।हमे स्वीकार करना होगा कि हम इस बीमारी के ऊपर शक्तिहीन हैं। परंतु हमें इनको अपने दिल और दिमाग में इतनी गहराई तक उतारना होगा कि उनकी छाप छोड़नी होगी जब तक कि हमारे सोचने समझने का हिस्सा ना बन जाए तब तक हम अपने ऊपर इनको हावी ना होने दें.

सबसे पहले इस बात को हजार बार पढ़े और दौहराये फिर उस बात को स्वीकार करें और अपने व्यवहार में उतारें अगर हम वास्तव में इस सच्चाई को स्वीकार करते हैं कि किसी दूसरे इंसान पर ना तो मेरा अधिकार है ना ही जोर है. तो हम शराबी से अपनी मर्जी मनवाने की कोशिश भी नहीं करें .क्या मैंने स्थिति को हासिल कर लिया है क्या मैं अपनी समस्या को छोड़ने के लिए तैयार हूं क्या मैं इस बात के लिए तैयार हूं कि शराबी मेरे बस में नहीं है. इस बात बैठकर ठंडे दिमाग से सोचे.

मैं उसकी भगवान नहीं हूं, शराबीपन एक बीमारी है यह बात हम बार-बार सुनते हैं ,पर हम में से अधिकतर यही मानना बहुत कठिन होता है क्योंकि हम शराबी को किसी कीटाणु वायरस से जुड़ी हुई अन्य सम्मानजनक बीमारियों की तरह नहीं मानते .फिर भी हम अब अपने आप को संभालने में एक अच्छी तरक्की करेंगे। अगर हम एक बार यह मान लें कि यह एक शारीरिक, मानसिक व आध्यात्मिक बीमारी है जो केवल किसी एक कारण से नहीं होती .हम इसे रोक नहीं सकते जैसे किसी बीमार व्यक्ति को हम ठीक नहीं कर सकते कैंसर या कोई और भयंकर बीमारी हो उस पर हम कोई काबू नहीं कर सकते. उसी प्रकार बेकाबू होकर शराब पीना शराबी की भी आंतरिक पिड़ा है. वह अगर ऐसा ही चलता रहता है .यह बदतर होती हुई स्थिति का एक विनाशकारी चक्कर बन जाता है. अगर मैं किसी की मदद करने के लिए तैयार होना चाहती हूं सबसे पहले हमें यह मानना होगा कि वह एक बीमारी का शिकार है.

 हमें यह जिद छोड़नी होगी कि  शराबी हमारी जिद में आकर शराब पीना छोड़ देगा नहीं यह हमें सवीकार करना होगा और भगवान के आगे समर्पण करना होगा कि मैं अपनी जीद को छोड़कर और भगवान की इच्छा और मदद को स्वीकार करना सीख लूंगी.क्योंकि शराबी पर मेरा किसी तरह का जोर नहीं है.वह शराबी पन की बीमारी का शिकार है,और मैं उसकी भगवान नहीं हूँ.
इस बात को स्वीकार करने का मतलब यह नहीं कि हम हार मान चुके हैं बल्कि यह सोचना होगा कि कुछ चीजें जो हम बदल नहीं सकते उनको स्वीकार करने में ही भला है।अपने आपको इसे दूर करके एक नई शुरुआत करें और अपनी शक्ति को बचाकर उन चीजों को काम करने में लगा दो जिन्हें हम बदल सकते हैं. और यह जिद करना छोड़ दो कि मैं शराबी को सुधार सकती हूं ,नहीं हम उनको सुधार नहीं सकते क्योंकि वह एक बीमारी का शिकार है. यह स्वीकार करना इतना भी मुश्किल नहीं है कि हम शराबी को सहन कर सकते हैं.
शराब और शराबी पर इन दोनों पर कोई काबू नहीं है. इसी तरह कोई भी शराबी पीने पर काबू नहीं कर सकता .परंतु हमें वह शक्ति है जो हमें परमात्मा से मिली हैं,और वह शहनसकती अपने आप पर काबू करना.
हम अपनी जिंदगी को बदल सकते हैं,इस बात सवीकार करना होगा कि बिमारी पर हमारा कोई जोर नहीं है खुद भी जीऔ और दुसरो को भी जीने दो …

Alkoholism is a disease… जी हाँ शराबीपन से छुटकारा सभंव है .

पहले खुद शराब छोड़ी,अब हजारों को नशा छुड़ाने में कर रहे मदद कर रही है अल्कोहल एनानिमस संस्था

शराब आप एक ऐसी समस्या है जो कर हर वर्ग में पाई जाती है। यह एक ऐसी संस्था है जो हर वर्ग के लिए बनाई गई है। सनडे शाम को 6:00 बजे ही शहर के एक प्राइवेट स्कूल में लोग इकट्ठा होते हैं। इन लोगों का मकसद सिर्फ शराब की लत को छोड़ना है और दूसरों शराबी लोगों को मोटीवेशन करके शराब छुड़वाना है।  सभी के चेहरे पर यकीन है कि वह जल्द ही शराब की लत से निजात पा लेंगे एल्कोहल एनोनिमस संस्था की वजह से ।

यह संस्था उस समय चर्चा में आई थी जब आमिर खान ने अपने प्रोग्राम सत्यमेव जयते में इसकी तारीफ की थी। यह संस्था असल में पूरी दुनिया में औरतों और मर्दों का एक भाईचारा है जो शराब छोड़ने के लिए एक दूसरे की मदद करते हैं. दुनिया के हर कोने में यह संस्था चलती है। जो भी शराब छोड़ना चाहता है, वह इस संस्था के पास जाता है ,और खुद संस्था की उसकी मदद् करती है, कि बशर्ते कि वे शराबी खुद चलकर इनके पास पहुंचे।

सबसे अच्छी बात तो यह है कि इसमें संस्था में वही लोग आते हैं, जिन्होंने  शराब को पहले से छोड़ा है ,और जो पहले पूरी तरह से शराबी थे। यह सन 1935 में new york के शहर के एक व्यापारी वर्ग और डॉक्टरो ने शुरू की थी ,जो कि खुद इस बीमारी से ग्रस्त थे ,जिन्होंने शराब छोड़ने के लिए शहर के अस्पताल ,इलाज केन्द्र और जेल तक का सफर किया था। धीरे-धीरे यह संस्था पूरी दुनिया में 150 देशों तक फैल गई। पूरी दुनिया में इस संस्था लगभग 20 करोड सदस्य हैं। जो कि हर धर्म,हर जाति ,हर नस्ल अमीर गरीब यहां तक कि पढ़े-लिखे और अनपढ़ भी हर तरह के आदमी इसके सदस्य मिल जाएंगे । सबसे अच्छी बात इस संस्था की ये है इसके पास इन सब की कोई सूची नहीं है।

कौन चलाता है इस संस्था को

एल्कोहल एनोनिमस की कोई सरकार की नहीं है। जिस शहर में भी यह संस्था चलती हैं अपने तौर-तरीकों के लिए आजाद होती है, जब तक इसके ढांचे को कोई नुकसान ना पहुंचे ।इसके लिए कोई एक चेयरमैन होता है एक secretary जिसकी मकसद सिर्फ मीटिंग को ठीक ढंग से चलाना होता है, ना कि कोई पैसा कमाना।  एक शहर का ढांचा दूसरे शहर के ढांचे की भी मदद करता है ।

यह संस्था गुप्त रूप से चलती है

किसी भी ऐसे परिवार के सदस्य जो  इस संस्था तक पहुंचना चाहते हो तो भास्कर के इस नंबर पर संपर्क कर सकता है Contact number ८८७२२८१००

 और हम उसे संस्था तक पहुंचा देंगे शर्त यह है कि वह खुद शराब छोड़ना चाहता हो कोई जोर जबरदस्ती से नही।

 इस संस्था का नाम एल्कोहल एनोनिमस है, इसका मकसद सिर्फ यह है कि इसका खुलासा नहीं किया जाता कि कौन इसमें शामिल है ,और कौन-कौन शराब पी रहा है। सब कुछ गुप्त रखा जाता है. ताकि समाज में इस बात की इज्जत बनी रहे संस्था का मकसद सिर्फ शराबी को शराब छुड़वाना है , इस संस्था का मकसद शराबियों की शराब छूडवाना है, और  उन परिवारों की मीटिंग करती है जिनके पति शराबी है .वहां औरतों के लिए मीटिंग की जाती है, जिसमें औरतों को इस काबिल बनाया जाता है कैसे शराबी के साथ अपनी जिंदगी को आसान तरीके से जिया जा सके। इस मीटिंग में शामिल औरतें एक दूसरे की सहायता करती हैं ,और उन्हें शराबियों के साथ कैसे पेश आना है, इस पर भी चर्चा की जाती है.

वैसे तो इस संस्था का सदस्य बनने कोई फीस नहीं है। लेकिन मिटिंग के कमरे का किराया, किताबें  कुछ खर्च के लिए एक डिब्बा मिटिंग मे घुमाया जाता है उसमें आप अपनी इच्छा के अनुसार 10 रूपये से लेकर अपनी इच्छा अनुसार डाल सकते हो। वो सारे पैसे संस्था चलाने के लिए खर्च किये जाते है।

 शराब आज एक बहुत बड़ी समस्या बन गई है ,जिसे जल्द ही खत्म करने की जरूरत है। इससे कई लोगों के  हंसते बसते घर उजड़ रहे हैं ,ऐसी संस्थाएं उन परिवारों के लिए वरदान है। जिनके परिवार शराब में बह रहे हैं। सरकार को जल्द ही कोई ठोस कदम उठाने की चाहिए, ताकि शराब से मासूम जिंदगियों को बचा सकें। यह संस्था असल में शराबियों से निकली हुई है। वही लोग ही शराबियों की मदद करते हैं ,जो शराब छोड़ना चाहते हैं वहीं संस्था के मेम्बर होते है। कयोंकि वो इस संस्था मे आकर शराब छोड़ चुके हैं ,जो अनुभव करके उनको रूबरू करते हैं ।

इस संस्था में पहले शराबी को आज नहीं पीने के लिए लिए प्रेरित करती है। और शराब छोड़ने के लिए उन्हें कोई कसम दिलाई जाती है कि कोई दवाई का सहारा नहीं लिया जायेगा बस सिर्फ प्रेरित किया जाता है  उनको मोटिवेट किया जाता है कि पहले हम भी शराबी थे। अगर हम पीनी छोड़ सकते हैं तो आप भी छोड़  सकते हो। शराबी को उसके शराब छुड़वाने के लिए प्रेरित करते हैं, और शराब छोड़ने के लिए कोई दवाई का सहारा नहीं लेते बस प्रेरित करते है।

हफ्ते में एक बार मीटिंग की जाती है। जिसमें उनके परिवार भी आ सकते हैं और बच्चे भी इस मीटिंग में सभी आते हैं जो शराब छोड़ना चाहते हैं। इस बात पर भी जोर दिया.